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सौर ऊर्जा: आपका घर, आपकी बिजली

सौर ऊर्जा के कारण न सिर्फ आपके बिजली की और पैसे की बचत होती है बल्कि सौर ऊर्जा से पर्यावरण की भी रक्षा होती है| और इसी के कारण सरकार भी सोलर पैनल के लिए प्रोत्साहन दे रही है और सोलर पैनल से जुड़ी नई-नई योजनाओं का आरंभ कर रही है|

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क्या सोलर पैनल का इस्तेमाल सही है ?

देखिए सोलर पैनल का इस्तेमाल आपको हर वक्त फायदा ही देता है।क्योंकि सोलर पैनल के इस्तेमाल से आपकी सरकारी ग्रेड से निर्भरता कम हो जाती है। और सोलर पैनल एक वन टाइम इन्वेस्टमेंट है यानी कि आपको एक ही बार में पैसे खर्च करने पड़ते हैं उसके बाद आप मुफ्त में बिजली इस्तेमाल कर सकेंगे। और आए दिन सरकार भी अब सोलर पैनल पर कई प्रकार की योजनाओं का आरंभ कर रही है। जैसे की…

सोलर पैनल के प्रकार

मोनोक्रिस्टलाइन

मोनोक्रिस्टलाइन सोलर पैनल जीने सिंगल क्रिस्टल सोलर पैनल भी कहा जाता है| जिओ सोलर पैनल सिलिकॉन के एक क्रिस्टल से बना हुआ होता है| इस सोलर पैनल की दक्षता आमतौर पर 18-24% होती है| इस सोलर पैनल का कलर काला होता है और इसके सेल के कोने गोल होते हैं| जिसके वजह से यह सोलर पैनल पॉलीक्रिस्टलाइन सोलर पैनल से अलग दिखता है|

पॉलीक्रिस्टलाइन

पॉलीक्रिस्टलाइन सोलर पैनल जिन्हें मल्टी क्रिस्टलाइन सोलर पैनल भी कहा जाता है| यह सोलर पैनल सिलिकॉन के कई क्रिस्टलों से बना हुआ होता है| इस सोलर पैनल की दक्षता 15-20% होती है| इस सोलर पैनल का रंग नीला होता है और सेल का डिजाइन चौकोर होता है| जिसके वजह से यह सोलर पैनल मोनोक्रिस्टललाइन सोलर पैनल से अलग दिखता है|

हाफ कट

हाफ कट सोलर पैनल की तुलना में थोड़ा अलग होता है| बाकी सोलर पैनल में पूरा सोलर सेल इस्तेमाल किया जाता है| और हाफ कट सोलर पैनल में सोलर सेल को आधे में कट किया जाता है| इस डिजाइन के कई लाभ है| बाकी सोलर पैनल के प्रकारों से ज्यादा बिजली उत्पन्न करता है और यह सोलर पैनल काम धूप में और छाया में भी काम करता है| हालांकि इसकी लागत ज्यादा होती है|

सोलर पैनल सिस्टम के प्रकार

ऑन-ग्रिड सिस्टम

ऑन-ग्रिड सोलर पैनल सिस्टम, जिसे ग्रिड-टाई सोलर सिस्टम भी कहा जाता है| की किताब यह सोलर पैनल सिस्टम सरकारी ग्रेड से जुड़ा हुआ होता है इसमें बैटरी का इस्तेमाल नहीं होता| इस सिस्टम में सुबह के वक्त सोलर पैनल से निर्मित बिजली का उपयोग आपके घर में या फिर ऑफिस में होता है और शाम के समय जब आपका सोलर पैनल सिस्टम बिजली उत्पन्न नहीं करता तब सरकारी ग्रेड से बिजली ली जाती है| इस सिस्टम का इस्तेमाल सबसे ज्यादा किया जाता है|

ऑफ-ग्रिड सिस्टम

ऑफ-ग्रिड सोलर पैनल सिस्टम सरकारी ग्रेड से जुड़ा हुआ नहीं होता| इसमें बैटरी का इस्तेमाल किया जाता है| यह सिस्टम उन जगह ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है जहां पर सरकारी ग्रेड की बिजली पहुंचाई नहीं जा सकती| इस सिस्टम में सुबह के वक्त सोलर पैनल सिस्टम से जो बिजली तैयार की जाती है इस्तेमाल डायरेक्ट आपके घर में या फिर ऑफिस में किया जाता है और जो बिजली अतिरिक्त हो जाती है उसे बैटरी में स्टोर किया जाता है|

हाइब्रिड सिस्टम

हाइब्रिड सोलर पैनल सिस्टम में ऑन-ग्रिड सोलर पैनल सिस्टम और ऑफ-ग्रिड सोलर पैनल सिस्टम दोनों को एक साथ इस्तेमाल किया जाता है| ऑन-ग्रिड सोलर पैनल सिस्टम में आपकी बिजली सरकारी ग्रेड से जुड़ी हुई होती है औरऔर अपग्रेड सोलर पैनल सिस्टम में आपकी बिजली सरकारी ग्रेड से जुड़ी हुई नहीं होती पर बैटरी का इस्तेमाल होता है इस सिस्टम में आपकी भी सरकारी ग्रेड से भी जुड़ी हुई होती है और बैटरी का भी इस्तेमाल होता है|